PM Vishwakarma Yojana 2025 : भारत सरकार ने परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 की शुरुआत की है यह योजना उन लोगों के लिए है जो परंपरागत व्यवसायों में लगे हुए हैं और अपने कौशल को आधुनिक उपकरणों के साथ और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को ₹15,000 की टूलकिट और विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है आइए इस योजना की सभी महत्वपूर्ण जानकारी पर नज़र डालते हैं।
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पीएम विश्वकर्मा योजना 2025 का उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य कारीगरों और हस्तशिल्पियों को उनके पारंपरिक व्यवसायों में सहायता प्रदान करना है योजना का लक्ष्य इन व्यवसायों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों से लैस करना है जिससे उनकी उत्पादकता और आमदनी में बढ़ोतरी हो सके।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है प्रशिक्षण के बाद उन्हें प्रमाण पत्र और ₹15,000 का टूलकिट वाउचर प्रदान किया जाता है यह टूलकिट उनके व्यवसाय के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद में मदद करता है।
पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं इन्हें पूरा करने पर ही लाभार्थी योजना का हिस्सा बन सकते हैं:
- आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक के पास आधार कार्ड और बैंक खाता होना अनिवार्य है।
- आवेदक परंपरागत व्यवसाय जैसे बढ़ई, लोहार, दर्जी, जूता बनाने वाले आदि कार्यों में संलग्न होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
पीएम विश्वकर्मा योजना 2025 आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है जिससे लाभार्थियों को आवेदन करने में कोई परेशानी न हो।
- योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
- अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- ओटीपी के माध्यम से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
- सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म जमा करें और पुष्टि प्राप्त करें।
टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण प्रक्रिया
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को टूलकिट वाउचर प्रदान किया जाता है वाउचर का उपयोग करके लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार उपकरण खरीद सकते हैं उपकरणों को आधुनिक और व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार चुना जाता है जिससे कारीगरों के काम में आसानी हो।
इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कारीगरों को नए कौशल सिखाए जाते हैं जो उनके व्यवसाय को उन्नत बनाने में मदद करते हैं प्रशिक्षण के बाद उन्हें एक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है जो उनकी योग्यता को प्रमाणित करता है और उन्हें बैंकों से आसान ऋण प्राप्त करने में मदद करता है।
योजना का महत्व
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 कारीगरों और हस्तशिल्पियों के लिए एक वरदान साबित हो रही है यह योजना न केवल उनके व्यवसाय को बढ़ावा देती है बल्कि उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी करती है परंपरागत व्यवसायों में लगे लोग अब आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण के जरिए अपने काम को और बेहतर बना सकते हैं।
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